Thursday, August 12, 2010

एक कविता और कुछ नए द्रश्य

उलझती जाती है
हर बात
उन यादों के
जंजाल में जैसे
जिन यादों को
बातों की ज़रूरत ही नहीं

दोगे हर दोष
मुझ पर ही तो तुम
भूल जाओगे
मेरे उस हाल
उन हालत को सभी

न सोचोगे खुद
क्या किया तुमने
अपनी गलतियों को
तुम दिल
से भुला दोंगे

हाँ ये गिला है
मेरा की
मैंने समझा
मैं भी इंसान हूँ
सांस लेने का
हक़ है
मुझको भी

ना जाना था कभी
की तुम तो
मुझे बेजान समझते हो

तुम्हारी हर
बेरुखी पर भी
कर के बस
वफ़ाएँ तुमसे
न सोचा था
कभी की
मिलेंगी
इस कदर
रुसवाईयाँ हमको !!

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केलिफोर्निया अमेरिका का बहुत ही बड़ा बड़ी आबादी वाला खुबसूरत राज्य है । इसी राज्य की लॉस एंजेलिस काउंटी में हालीवूड है । केलिफोर्निया के एक और बहुत ही बड़ा रेगिस्तान , एक और समुद्र और दूसरी और विशाल पहाड़ियां यहाँ की खूबसूरती में चार चाँद लगाती है । यहाँ का मौसम सोने पर सुहागा ........ हमेशा ही ख़ुशनुमा होता है । लॉस एंजेलिस में बहुत ही खुबसूरत और साफ सुथरे बीचेस है । जिनमे रोडेंनडो बिच, मैनहटन बीच, लोंग बीच, हरमोसा बीच और संता मोनिका बीच इत्यादि है । जहाँ सी शोर के मज़े लेने के साथ साथ और भी बहुत कुछ है करने को जैसे कायक, नोर्मल और पवार बोट्स रेंट पर ली जा सकती है ।। गाईडेड बोट टूर लिए जासकते है जिनमे व्हेल वाचिंग और अंडर वाटर फिश वाचिंग प्रमुख है पेराग्लईडिंग , फिशिंग और शोपिंग के साथ साथ बोर्डवाक और राईडस भी बहुत बड़ा फन है यहाँ करने को .....रोडेंनडो बिच की खासियत यही है की यह नोर्मल बिचेस की तरह सेंड बिच नहीं है मानव निर्मित राक्स की बोर्डर से इसका बड़ा किनारा बनाया गया है बोर्ड वाक तो सुन्दर है ही फिशिंग के लिए यहाँ बहुत लोग आते है । यहाँ सील बहुत आसानी से दिखाई देते है । हमने भी यहाँ का एक गाईडेड बोट टूर लिया था जिसमे बोट के ऊपर से तो आप बे एरिया और दूर तक निहार सकते है साथ ही साथ बोट के निचले भाग में जाकर कांच की दीवारों से दोनों और सुन्दर मछलियाँ देख सकते है ...मतलब लाइव एक्वेरियम का आनंद है । साथ ही साथ बोर्ड वाक का अपना मज़ा है । यहाँ हर जगह ढेर सारे पाम के वृक्ष दिखाई देते है ....जो इसे और सुन्दर बना रहे है ।
यह कुछ चित्र है रोडेंनडो बिच और संता मोनिका बीच की खुबसूरत शाम के :





























27 comments:

निर्मला कपिला said...

बहुत बहुत धन्यवाद। अभी कैलिफोर्निया गयी थी तब देखा था। शुभकामनायें

वन्दना said...

कविता मे सारा दर्द उमड आया है एक नारी हृदय का और चित्र बहुत ही लुभावने लगे।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

अंतर्मन की व्यथाको बखूबी अंकित किया है ....

चित्रों के माध्यम से आपके साथ हम भी घूम लिए

Arvind Mishra said...

एक अंतराल के बाद आपने अहसासों की खूबसूरत कविता और यात्रा संस्मरण ,नयनाभिराम चित्रों के साथ दिया -आभार !

JHAROKHA said...

rani ji,
pahale to main aapse shikayat karne wali thi .par aapke blog par neeche lage post ko padh kar
pata chala kiaap to ghumne ka aanand utha rahin thin.dhanywaad aap dikhi to.
bahut hi marm-sparshi rachna.
poonam

sanu shukla said...

bhav bhari rachana...akarshan yukt chitro k leye dhanywaaaaad..!!

sanu shukla said...

bhav bhari rachana...akarshan yukt chitro k leye dhanywaaaaad..!!

arvind said...

बहुत ही खुबसुरत कविता....नये दृश्य भी मनमोहक.....बहुत बहुत धन्यवाद।

सत्यप्रकाश पाण्डेय said...

बहुत रोचक...
आभार...

महेन्द्र मिश्र said...

बहुत बढ़िया रचना...फोटो भी जोरदार लगे...आभार

डॉ टी एस दराल said...

वाह जी वाह । कैलिफोर्निया की सैर कर के मज़ा आ गया ।

abhi said...

कविता बेहद पसंद आई..जबरदस्त है..

अच्छा वैसे, कैलिफोर्निया में मेरा एक मित्र भी रहता है..अच्छा लगा तस्वीरें देख के...तस्वीरों के ही जरिये, घूम तो आये :)

संजय भास्कर said...

बहुत बढ़िया रचना...फोटो भी जोरदार लगे...आभार

ताऊ रामपुरिया said...

तुम्हारी हर
बेरुखी पर भी
कर के बस
वफ़ाएँ तुमसे
न सोचा था
कभी की
मिलेंगी
इस कदर
रुसवाईयाँ हमको !!


लाजवाब कविता के साथ साथ कैलीफ़ोर्निया का चित्रों सहित यात्रा संस्मरण मुग्ध कर गया. बहुत शुभकामनाएं.

रामराम

वन्दना अवस्थी दुबे said...

सुन्दर कविता, सुन्दर चित्र.

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

ऐसी दर्द भरी कविता...
और इतने खूबसूरत चित्र...
दोनों का तालमेल ज़िन्दगी की
’हक़ीक़त और ख्वाब’ की तरह नज़र आ रहा है.

Tej Pratap Singh said...

bindaas photos

Udan Tashtari said...

बहुत उम्दा कविता...


और कैलीफ़ोर्निया के चित्र बहुत अच्छे लगे.

Coral said...

kavita acchi lagi!

chitra to lajawab hai!

दीर्घतमा said...

बहुत अच्छी कबिता है अंतर्मन को छू जाती है
साथ-साथ अपने कलोफोर्निया क़े चित्र मनमोहक लगाये है
बहुत-बहुत धन्यवाद.

दीर्घतमा said...

बहुत अच्छी कबिता है अंतर्मन को छू जाती है
साथ-साथ अपने कलोफोर्निया क़े चित्र मनमोहक लगाये है
बहुत-बहुत धन्यवाद.

महफूज़ अली said...

सुंदर चित्रों के साथ.... बहुत सुंदर लगी यह पोस्ट.... बहुत दिनों के बाद आपको देख कर अच्छा लगा...

महफूज़ अली said...

सुंदर चित्रों के साथ.... बहुत सुंदर लगी यह पोस्ट.... बहुत दिनों के बाद आपको देख कर अच्छा लगा...

vijay said...

This was one of the good one you wrote.

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

मंगलवार 17 अगस्त को आपकी रचना ... चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर ली गयी है .कृपया वहाँ आ कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ....आपका इंतज़ार रहेगा ..आपकी अभिव्यक्ति ही हमारी प्रेरणा है ... आभार

http://charchamanch.blogspot.com/

M VERMA said...

हाँ ये गिला है
मेरा की
मैंने समझा
मैं भी इंसान हूँ
सांस लेने का
हक़ है
मुझको भी
बाखूबी आपने अंतर्मन के दर्द को उकेरा है

मेरे भाव said...

naari ke antarman ko chhua hai aapne is kavita me..