Thursday, February 11, 2010

अमेरिका का स्नो फ़ॉल हमारे अंदाज़ से (न्यू यार्क से सचित्र)



















अजी
ये तो अभी शुरुआत हुई है ...........आगे आगे देखते जाइए !!



















अब
नज़ारा कुछ और है ....रेल की पटरी बनाती हुई बिटिया अनुष्का ..!!















ठंडा
तो बहुत है मौसम, पर अपनी गुड़ियाँ को घुमाना है ....ना !!(अनुष्का )




















अब
देखिये पहला द्रश्य इस तरह बदल गया है ...!!


















घर
के पीछे वाले आँगन से लिया गया द्रश्य ....!!!




















तकरीबन
१६ इंच बर्फ गिरी ......सारा जन जीवन अस्त व्यस्त !!




















अनुष्का
खुश है ,अपने स्नो मेनके साथ .......इसे बनाने में मम्मी का क्या हाल हुआ, ये तो वो ही जाने !!



















इतनी
सर्दी में भी लगे हुए है ......घर से कदम भी बहार निकालने की गुंजाइश बने !! है




















अब
कार कैसे निकली जाए ....अनुष्का का तो मूड ही ऑफ़ है ,बहार जो जाना है !!



















अरे अरे ज़रा बचके कही आप ही निशाना बन जाए ..... :)

16 comments:

श्यामल सुमन said...

स्नो-फाल का सुन्दर दृश्य और अनुष्का का कृत्य - चित्रों से संवाद - वाह।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

Arvind Mishra said...

इधर गर्मी बढी है तो स्नो कितनी भली लग रही है और उससे भी ज्यादा स्नो डाल अनुष्का-हेलो अनुष्का! आशीष !!

Kusum Thakur said...

बहुत सुन्दर नज़ारा चित्र द्वारा दिखाया आपने , धन्यवाद !!

M VERMA said...

प्यारी बिटिया को बाहर तो न ले जाईए
आपने तो बर्फ़बारी से हमें घर बैठे रूबरू करा दिया.

manu said...

हम जिस बर्फ बारी को देख कर आनंद ले रहे हैं...
उस में जीना कितना मुश्किल होता होगा...??

Vivek Rastogi said...

वाह वाह बर्फ़बारी देखकर मजा आ गया।

महफूज़ अली said...

अरे! वाह.... यह तो बहुत सुंदर नज़ारा है....

amritwani.com said...

हम राजस्थानी लोगो को बर्फ के फोटो देखना बहुत अचा लगता हे

शेखर कुमावत

आप को धन्यवाद इस चित्रों के लिए

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi said...

मनमोहक चित्र. बर्फबारी का अपना मज़ा तो है ही, एक सौन्दर्य बोध भी उपजता है.

अगले माह मुझे न्यू यौर्क आना है,तब तक शायद मौसम कुछ अधिक सहज हो जायेगा. हां पर इस सौन्दर्य से तो वंचित होना पड़ेगा .


आप व अन्य हिन्दी प्रेमी रचनाकारों की महफिल जमे और एक कवि गोष्ठी न्यूयौर्क में आयोजित हो तो आनन्द रहेगा.

शुभकामनायें

indu puri said...

looking beautiful
you
your little fairy
and nature's whiteness,

संजय भास्कर said...

मनमोहक चित्र. बर्फबारी का अपना मज़ा तो है ही, एक सौन्दर्य बोध भी उपजता है.

संजय भास्कर said...

बहुत सुन्दर नज़ारा

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

सभी दृश्य मनमोहक हैं।
शिवरात्रि की बधाई स्वीकार करें!

Computer Shortcuts & Basics said...

बहुत सुंदर।

गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' said...

रानीविशाल जी
होली आ रही है जिसकी पदचाप आपकी इस रूमानी कविता से सुनाई दी

किरण राजपुरोहित नितिला said...

सुन्दर !!!!! एक सा बढ़कर एक नयनाभिराम दृश्य .