भारतीय संस्कृति का बन गया ......आचार
स्वाद नया है , भ्रष्टाचार !!
राजनीति क्या ? राज्य समिती क्या ?
क्या नवयुवको के उच्य विचार
छेड़ खानी करे लड़कियों से
माता पिता से करे है, दुराचार
भारतीय संस्कृति का बन गया .......आचार
स्वाद नया है ,भ्रष्टाचार !!
नेता हो या अभिनेता हो
चाहे किसी भी इलेक्शन का विजेता हो
घरो में रखते है सोने का भण्डार
खून चूसते है ये जनता का
इन्हें जनता ने ही चुना है उम्मीदवार
भारतीय संस्कृति का बन गया .........आचार
स्वाद नया है , भ्रष्टाचार !!
शिष्य भूल बैठे है......शिष्टाचार
नक़ल करे है रख शिक्षक के गले , चाकू की धार
नस्ल ही ख़तम हो रही सभ्यता वाली
इस पीड़ी के सर है पाश्चात्य संस्कार सवार
सरकारी कर्मचारी वेतन भोगी
पर रिश्वत का है...... दारोमदार
भारतीय संस्कृति का बन गया .....आचार
स्वाद नया है , भ्रष्टाचार !!
अब मैं क्या कहू ? देश में अपने
बड़ गया कितना भ्रष्टाचार
वाह ! रे इस देश को मिटाने का
क्या खूब बनाया ये हथियार
समस्त नेताओ ने मिलकर
किया है इसका आविष्कार
भारतीय संस्कृति का बन गया ........आचार
स्वाद नया है , भ्रष्टाचार !!
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16 comments:
भारतीय संस्कृति का बन गया ........आचार
स्वाद नया है , भ्रष्टाचार !!
नए अचार का स्वाद तो कड़्वा लगा.
यथार्थपरक रचना
क्या खूब सच बयां किया आपने मैम... अंदाज़-ए-बयां ही अलग है...
जय हिंद...
इतने पुराने स्वाद को आप नया बता रही हैं.. :)
बढ़िया और सटीक!!
बढ़िया लिखी है यह कविता
भ्रष्टाचार एक घाव था छोटा बढ़कर अब नासूर हुआ।
हाल यहाँ का अब ऐसा कि जान बचाना मुश्किल है।।
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
nice
..... अभी सब लोग नये स्वाद का मजा चख रहे है पर इसके दुष्परिणामों से अनभिग्य हैं !!!!!
andaaz-e-bayaan alag sa..rochak hai sab kuch...
बहुत रोचक और सुंदर पोस्ट....
नोट: लखनऊ से बाहर होने की वजह से .... काफी दिनों तक नहीं आ पाया ....माफ़ी चाहता हूँ....
पुराना ही तो है भ्रष्टाचार!
नये बर्तन में है पुराना अचार!
http://charchamanch.blogspot.com/2010/02/50.html
आज के हालात पर अलग अंदाज वाली रचना , बधाई
क्या बात है आपके तो क्या कहने , आपने इतनी बाड़ बात को चन्द शब्दो में बयाँ कर दिया , बहुत खूब रही ये रचना
वैचारिक ताजगी लिए हुए रचना विलक्षण है।
भ्रष्ट आचार एक महामारी की तरह फैल चुका है । भ्रष्टाचारा का निरूपण करती एक अच्छी रचना ।
जबर्दस्त अभिव्यक्ति ।
आभार..।
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