Friday, January 29, 2010

ननिहाल की यादें (बाल गीत)


हेलो हेलो ज़रा फ़ोन लगाना

हेलो हेलो ज़रा फ़ोन लगाना
याद मुझे आते है नाना
नानी, मामा और है भैया
छोटे से गावं ठौड़ की छैया

हेलो हेलो ज़रा फ़ोन लगाना
याद मुझे आते है नाना ...

मेले में जो झूले आए
मामाजी ने खुब झूलाए
खैल खिलोने , गली महल्ला
पकड़म पाटी, हल्ला गुल्ला

हेलो हेलो ज़रा फ़ोन लगाना
याद मुझे आते है नाना ...

नानाजी तो सैर कराए
नानी माखन मिश्री खिलाए
मामी , मामा , छोटा भैया
खूब शरारती बड़ा लड़ैया

हेलो हेलो ज़रा फ़ोन लगाना
याद मुझे आते है नाना ...


(चित्र में दिखाई देने वाली कन्या भी मेरी ही कृति अर्थात मेरी सु पुत्री अनुष्का है ....अपने नानाजी से फ़ोन पर बात करते हुए !!)

16 comments:

'अदा' said...

अरे वाह...
आपकी रचना तो कमाल की है..:)
दोनों ही....अनुष्का और कविता...
अनुष्का बिटिया बहुत बहुत बहुत ही प्यारी है....उसे ढेरों प्यार दुलार और आशीर्वाद...

Udan Tashtari said...

अनुष्का को आशीष!!

बहुत बढ़िया.

Tarkeshwar Giri said...

BAHUT ACCHA LAGA YE BAL KAVITA , AUR ANUSHKA KO DHER SARI BADHAI

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत प्यारी है अनुष्का बिटिया!
शुभाशीर्वाद के साथ-

किलकारी की गूँज सुनाती,
परिवारों को यही बसाती।
नारी नर की खान रही है,
जन-जन का अरमान रही है।
बिटिया की महिमा अनन्त है,
इससे ही घर में बसन्त है।

मनोज कुमार said...

बहुत प्यारी रचना!
बहुत आशीष!!

Sadhana Vaid said...

आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आयी हूँ | प्यारी अनुष्का और आपकी कविता दोनों ही दिल में बस गयीं | मेरी रचना की सराहना के लिए धन्यवाद | आशा है अब ब्लॉग पर आपसे मुलाकातें जल्दी-जल्दी होंगी |

http://sudhinama.blogspot.com

विचारों का दर्पण said...

जितनी प्यारी आपकी कविता उतनी ही प्यारी आपकी बिटिया ...

Mithilesh dubey said...

लाजवाब लिखा है आपने ।

Harsh Vardhan Harsh said...

बच्चों की शिकायतो का एक अच्छा समाधान आपने बता दिया है, नवीन प्रयास के लिए बधाई।
अनुष्का को प्यार और जब फोन लगाए तब नाना को आवश्यक रूप से मेरा प्रणाम कहना।

संजय भास्कर said...

बहुत प्यारी है अनुष्का बिटिया!
शुभाशीर्वाद

संजय भास्कर said...

कम शब्दों में बहुत सुन्दर कविता।
बहुत सुन्दर रचना । आभार
ढेर सारी शुभकामनायें.

Sanjay kumar
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

dipayan said...

बहुत खूब आपकी ये बाल कविता और आपकी नन्ही बिटिया को ढेर सारा आशिर्वाद ।

हिमांशु । Himanshu said...

पहली बार देख रहा हूँ ब्लॉग ! सुन्दर बाल-रचना प्रस्तुत की है आपने ।
अनुष्का तो बहुत ही प्यारी है ! धन्यवाद ।

Sudhir (सुधीर) said...

अनुष्का और कविता देनो ही सुन्दर हैं

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

रानी जी आदाब
इतनी प्यारी बिटिया है
पोयम तो बेहतरीन होनी ही है
बधाई

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' said...

है विशाल जिसका हिया रचना करे कमाल.
रानी के संसार में, राजा करे धमाल.
मन को मोहे अनुष्का, कविता ले दिल जीत.
नेह नर्मदा नित 'सलिल', गए प्रीत के गीत..
दिव्यनर्मदा.ब्लागस्पाट.कॉम