Friday, February 12, 2010

सार्वजनीक सूचना

ब्लॉग जगत में पदार्पण का मेरा सिर्फ एक ही उद्देश्य है, वो ये की मैं अपना साहित्य आप सभी पाठक गण तकपंहुचा सकू चूकी मैं बचपन से ही आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी के साहित्य से अत्यधिक प्रभावित हूँ इसीलिए मैंने अपने ब्लॉग का नाम उनकी ही एक अत्यधिक लोकप्रिय पुस्तक काव्यमंजूषा के ही नाम पर रखा था हालाकि इस नाम से एक और ब्लॉग (अदा दीदी ) का है।किंतु ब्लॉग लिखने के पहले मैं ब्लोगिंग में उतना सक्रियनहीं थी, तो मुझे इसका अंदेशा था होता भी कैसे आज से कुछ तीन साल पहले अचानक कही रवी रतलामी जीका हिंदी ब्लॉग देखा और मैंने भी अपना ब्लॉग कव्यमंजूषा बना दिया किंतु समय के अभाव के कारण मैं उसेलाइव नहीं कर पाई। पोस्ट लिखने का टाइम ही नहीं होता था फिर आचानक से किसी दिन लेखन का जो ज्वारमेरे भीतर से फूटा की मैंने समय पाते ही ब्लॉग लाइव किया और पोस्ट करना शुरू कर दिया अब तो मैं अच्छासमय ब्लोगिंग को दे भी पाती हूँ किंतु अदा दीदी की यह मंशा है, और मैं भी ठीक समझती हूँ की पाठको को दोनोंब्लॉग में गफलत ना हो इसी लिए मैं आज से अपने ब्लॉग के नाम को काव्यमंजूषा से काव्य तरंग कर रही हूँ मञ्जूषा की जगह तरंग की प्रेरणा भी आचार्यजी की तरंगिणी से ही ली है
"मेरा सोभाग्य तो वही होगा की आप सब मुझे मेरे ब्लॉग के नाम से नहीं बल्कि मेरी कविताओ से पहचाने" किंतुसंवाद की शुरुआत तो किसी नाम से ही हो पाती है इसीलिए काव्य तरंग अपने नए स्वरुप में आप सबके समक्षप्रस्तुत है ........कविता की नई नई तरंगे लेकर !!
सादर
रानीविशाल

34 comments:

गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' said...

Swagat hai

Mithilesh dubey said...

इस नये नाम के साथ स्वागत है आपका ।

'अदा' said...

Rani,
dhanywaad...
aur punah swagat hai..
log tumhein tumhaari kavitaon rachnaaon se hi jaante hain...aage bhi jaanenge..
shubhasheesh..

Udan Tashtari said...

स्वागत है इस नये और सुन्दर नाम के साथ. शुभकामनाएँ.

Nitin said...

We all now know you as Ranivishal.

M VERMA said...

सार्थक निर्णय के लिये बधाई.
हम तो आपकी कविताओं से ही आपको पहचानते हैं ब्लोग के नाम से नहीं

वाणी गीत said...

इस ब्लॉग का शीर्षक देख कर मैं भी चौंकी थी ..मगर अब तक आप अपने नाम से और कविताओं से जानी जाने लगी हैं ...गफलत से बचने के लिए आपने सही कदम उठाया है .. ..!!

श्यामल सुमन said...

स्वागत है स्वागत योग्य निर्णय के लिए।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

Arvind Mishra said...

इस संभ्रम को दूर करना उचित था .....आपका सही कदम ...
जो हिदी साहित्य के एक ज्वाजल्य्मान नक्षत्र हजारी प्रसाद से प्रभावित हो उसके बारे में कहना ही क्या
स्वागतम

विचारों का दर्पण said...

हार्दिक अभिनन्दन .....इस नए नाम के साथ

Vivek Rastogi said...

आपकी कविताएँ ही आपकी पहचान हैं, नाम तो केवल जानने के लिये हैं।

दीपक 'मशाल' said...

बात तो सही है जी कई बार भ्रम हो जाता था.. लेकिन सेक्सपिअर जी कह गए ना की 'नाम में क्या रखा है??' :) आपकी पहिचान आपकी कविताओं की गुणवत्ता से है.. बिलकुल सही बात है...
जय हिंद... जय बुंदेलखंड...

Dr. Smt. ajit gupta said...

अच्‍छा किया नाम बदल दिया, नाम से असमंजस हो रहा था। नये नाम की बधाई।

निर्मला कपिला said...

ये अच्छा किया इस से गलती लगने की गुंजाईश नही रही मेरे जैसे भुलक्क्डोंको धन्यवाद और शुभकामनायें

Arshad Ali said...

खुशबु नाक तक पहुच ही जाती है.
रचनाएं अपनी रचनात्मकता से पहचानी जायेगी न की वो किस किताब में छपी है .
ब्लॉग के नाम से पोस्ट लोकप्रिय नहीं होता बल्कि
पोस्ट की लोकप्रियता ब्लॉग को पहचान दे जाती है.
स्वागत है आपका

Devendra said...

स्वागत है.

महफूज़ अली said...

चलिए ठीक किया आपने..... वैसे एक नाम से दो ब्लॉग रह सकते हैं..... आपकी रचनाएँ इतनी अच्छी होतीं हैं..... कि आपका नाम ही काफी है....

बी एस पाबला said...

सही है।
नाम से असमंजस हो रहा था।
नये नाम की बधाई।
सौहाद्रपूर्ण रूख के लिए आभार

बी एस पाबला

रचना दीक्षित said...

नामकरण की बधाई. यूँ भी नाम से रचना अधिक महत्वपूर्ण है

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपका अभिनन्दन है!
बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

खुशदीप सहगल said...

एक ने कही, दूसरे ने मानी
नानक कहे दोनों ज्ञानी...

स्वागत है रानी जी आपका...

जय हिंद...

Amitraghat said...

"नाम से कुछ नहीं होता असली चीज़ विचार होतें हैं और विचारों को कोई नहीं रोक सकता, स्वागत है आपका......"
प्रणव सक्सैना amitraghat.blogspot.com

अनामिका की सदाये...... said...

vaise to ye acchha hua ki aapne differentiate kar diya...waise chinta na kare ham aapko apke laal rang se pehchaan jate hai (ha.ha.ha.)
thanks for this information..we will keep it in mind.

संजय भास्कर said...

हार्दिक अभिनन्दन .....इस नए नाम के साथ

रज़िया "राज़" said...

स्वागत है आपका। एक नये नाम के साथ।

अनिल कान्त : said...

सही कदम !
स्वागत है

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

बहाओ काव्य तरंग चहु ओर

धन्यवाद.

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

आदाब
नई सज्जा और अलग नाम के साथ...
शुरू कीजिये अपने ब्लाग का सफ़र
ब्लाग परिवार आपके साथ है

श्याम कोरी 'उदय' said...

....सराहनीय कदम, "काव्य तरंग" को बहुत बहुत शुभकामनाएं!!!

मोहिन्दर कुमार said...

नये नाम के साथ आपका पुन: स्वागत है.

रंजन राजन said...

अच्छा किया। वैसे नया नाम बेहतर लग रहा है। .. आशा है आपकी कविता की तरंगें सात समुंदर पार भारत में भी लोगों के दिलों को सराबोर करती रहेंगी।

लवली कुमारी said...

नये नाम के साथ आपका स्वागत है.

कीर्ति राणा said...

naam se jyaad kaam pooja jaata hai.aap ka lekhan hi aap ki pahchan bane.
meri shubh bhawnae.
...kirti rana/blog pachmel

सुरेश यादव said...

नए नाम से इस ब्लाग का स्वागत है ,रानी जी.अच्छा किया आप ने जल्दी यह कदम उठा लिया. बधाई. 09818032913